रायगड़ा, ओडिशा; 16 फरवरी 2026: भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी वेदांता एल्युमिनियम ने ‘जल, स्वच्छता और स्वच्छ व्यवहार’ पहल के अंतर्गत ओडिशा के कलाहांडी और रायगड़ा जिलों के विभिन्न गांवों में सौर ऊर्जा संचालित बोरवेल तथा उन्नत जल शुद्धिकरण प्रणालियों की स्थापना कर सामुदायिक स्वास्थ्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ किया है। चुलबाड़ी, सुंगेर, धमणघाटी, डुमेरपदार, सगाबाड़ी, लडकामन और सियाडिमाल गांवों में स्थापित इन प्रणालियों से सामूहिक रूप से 3,000 से अधिक ग्रामीणों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की नियमित सुविधा मिल रही है।
दीर्घकालिक स्थिरता और सामुदायिक स्वामित्व सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इन नवस्थापित प्रणालियों को औपचारिक रूप से पंचायती राज संस्थाओं को हस्तांतरित किया गया है। स्थानीय सरपंचों और पंचायती राज प्रतिनिधियों की उपस्थिति में समुदाय के सदस्यों को इन प्रणालियों के उपयोग एवं रखरखाव के संबंध में मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया।
प्रत्येक बोरवेल 1.5 किलोवाट क्षमता की सौर इकाई से संचालित है, जो 1 अश्वशक्ति की जलमग्न पंप प्रणाली को चलाती है। इससे गहरे जलभृतों से जल दोहन संभव हो पाता है और निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित होती है। शुद्धिकरण इकाइयों में टीएसआरएफ™ नैनो प्रौद्योगिकी का उपयोग किया गया है, जिसमें धान की भूसी से निर्मित निस्पंदन माध्यम में नैनो-रजत कणों का समावेशन कर हानिकारक सूक्ष्मजीवों को निष्क्रिय किया जाता है। बहु-स्तरीय सूक्ष्म-जाल निस्पंदन प्रणाली निलंबित अशुद्धियों को हटाती है, जबकि गुरुत्वाकर्षण आधारित शुद्धिकरण तंत्र न्यूनतम ऊर्जा निर्भरता के साथ प्रभावी संचालन सुनिश्चित करता है। प्रत्येक प्रणाली प्रति घंटे 500 लीटर तक जल शुद्ध करने में सक्षम है तथा पेयजल के लिए पृथक भंडारण सुविधा भी उपलब्ध कराती है। इन संयंत्रों के साथ परिभाषित उपकरण वारंटी भी प्रदान की गई है, जिससे संचालन की विश्वसनीयता और अनुरक्षण सहयोग सुनिश्चित हो सके।
सतत विकास के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए वेदांता एल्युमिनियम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजीव कुमार ने कहा, “वेदांता एल्युमिनियम में हमारे सामुदायिक प्रयास संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों, विशेषकर लक्ष्य 6 — स्वच्छ जल और स्वच्छता — के अनुरूप हैं। इन क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता और स्वच्छता अवसंरचना को सुदृढ़ कर हम स्वस्थ एवं सशक्त समुदायों का निर्माण करना चाहते हैं तथा अपने परिचालन क्षेत्रों में सतत विकास को गति देना चाहते हैं।”
सुंगेर ग्राम के सरपंच गुणसिंह माझी ने कहा, “हमारे क्षेत्र में भूजल में उच्च लौह तत्व होने के कारण पेयजल की उपलब्धता एक गंभीर आवश्यकता रही है। ये सौर ऊर्जा संचालित जल सुविधाएं, विशेषकर ग्रीष्म ऋतु से पूर्व, जल की गुणवत्ता और उपलब्धता से जुड़ी दीर्घकालिक चिंताओं का समाधान प्रस्तुत करती हैं। यह पहल स्थानीय स्वास्थ्य, स्वच्छता और समग्र कल्याण में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
वेदांता एल्युमिनियम ओडिशा में शिक्षा, स्वास्थ्य, सतत आजीविका, ग्रामीण अवसंरचना तथा जमीनी स्तर पर खेल और संस्कृति को बढ़ावा देने वाली सामाजिक पहलों के माध्यम से व्यापक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध है। स्थानीय प्रशासन और समुदाय के हितधारकों के साथ घनिष्ठ सहयोग के माध्यम से कंपनी यह सुनिश्चित करती है कि उसकी पहलें परिचालन क्षेत्रों में ठोस सामाजिक-आर्थिक प्रगति का मार्ग प्रशस्त करें।
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